3:11 pm - Sunday November 22, 4314

अवैध वसूली के लिये परिवहन के अस्थायी चेकपोस्ट का निर्णय : कांग्रेस

vBlast News Editor Firoz Siddiqui ,9644670008

रायपुर: परिवहन विभाग द्वारा फिर से अस्थायी चेकपोस्ट लगा कर वाहनों की चेकिंग शुरू किए जाने के निर्णय को कांग्रेस ने बन्द हुई अवैध कमाई को फिर से शुरू करने की छटपटाहट बताया है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सचिव सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि चेकपोस्ट और बैरियर पर टोकन के जरिये किये जा रहे अवैध वसूली के समाचार माध्यमो में खुलासे के बाद देश भर में हुई बदनामी के भाजपा सरकार ने बैरियरों और चेकपोस्टो को भले ही तात्कालिक रूप से बंद कर दिया था लेकिन हर महीने परिवहन विभाग अमले के माध्यम से अवैध रूप से वसूली किये जा रहे करोड़ो रु. की काली कमाई का मोह भाजपा सरकार नहीं छोड़ पाई, इसीलिए एक बार फिर से अस्थाई चेकपोस्ट के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में वसूली का नया फरमान जारी हुआ है। छत्तीसगढ़ का परिवहन विभाग पूरे देश मे अवैध वसूली के मामले में कुख्यात है, इसलिए राज्य के बाहर से छत्तीसगढ़ आने वाली गाड़िया आने में कतराती है या महंगे भाड़े में आती हैं। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने खुद एक बार स्वीकार किया था कि छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग की सबसे ज्यादा शिकायते हैं। छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग का भ्रष्टाचार राज्य के सड़को पर खुलेआम सड़को पर दिखता था। वाहनों के कागजात चेकिंग के नाम पर परिवहन विभाग के द्वारा लठैत रखे जाते है जो लाठियां लहरा कर वाहनों को रोक कर वसूली में मदद करते है। भाजपा सरकार के 14 साल के कार्यकाल में परिवहन विभाग में प्रतिनियुक्ति और पोस्टिंग बड़ा व्यवसाय बन गया है। बताते है परिवहन में आरक्षक से लेकर निरीक्षक तक की मात्र एक समय सीमा तक के प्रतिनियुक्ति के लिए लाखों रूपयें घूस लगने की चर्चा विभाग में आम है। लगते है, परिवहन में प्रतिनियुक्ति के बाद ज्यादा मलाईदार स्थान पर पोस्टिंग के लिए अतिरिक्त चढ़ावा देना पड़ता है। परिवहन अमले को हर महीने अवैध वसूली के टारगेट दिया जाता हैं। भाजपा सरकार के परिवहन विभाग का सारा नियम कायदा सिर्फ पैसा है यही कारण है कि आर.टी.ओ. का पद जो कि लोकसेवा आयोग के द्वारा एक टेक्निकल पोस्ट माना गया है इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मेकेनिकल इंजीनियरिंग निर्धारित है इस पद पर भाजपा सरकार चहेते प्रशासनिक अधिकारियों को बैठाती रही है। रायपुर आरटीओ की पिछली तीन चार नियुक्तियों से लेकर राज्य के अनेकों परिवहन दफ्तरों में टेक्निकल योग्यता वाले आरटीओ की नियुक्ति नही की गई।

Filed in: छत्तीसगढ़, टॉप 10, पॉलिटिक्स

No comments yet.

Leave a Reply