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गुजरात चुनाव : मुसलमानों के घर पर बनाया x का निशान,फैला तनाव

3-copyअहमदाबाद. गुजरात चुनाव में एक-दूसरे को मात देने के लिए और अल्पसंख्यक वोट को अपने पक्ष में करने के लिए डराने की राजनीति शुरू हो गई है. सोमवार को अहमदाबाद के कुछ इलाकों में मुस्लिमों के घरों के बाहर एक्स या क्रॉस के निशानों वाले पोस्टर्स दिखाई दिए हैं. इसके बाद रिहायशी अल्पसंख्यकों में तनाव फैल गया है.

सत्ताधारी भाजपा का कहना है कि गुजरात में सांप्रदायिक तनाव फैलाने के लिए यह विपक्षी पार्टियों की चाल है. इलाके के मुस्लिमों के घरों के बाहर लगे इन निशानों के बारे में लोगों ने स्थानीय प्रशासन को सूचना दी है. भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को खराब करने का आरोप लगाया है. वहीं कांग्रेस ने दावा किया है कि भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है.

3भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, कांग्रेस राज्य में अपना बेस गंवा चुकी है और वोट पाने के लिए ऐसे हथकंडों का सहारा ले रही है. आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा ने कहा कि एक्सज् का निशान कांग्रेस की पुरानी राजनीति है और उन्होंने गुजारिश करते हुए कहा कि वह हिंदू और मुस्लिमों के बीच दूरी न बढ़ाए.

एआईएमआईएम ने कहा है कि इन सबके पीछे कौन है, इसकी जांच होनी चाहिए. गुजरात में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं. पहले चरण का मतदान 9 दिसंबर और दूसरा 14 दिसंबर को होगा. गुजरात और हिमाचल प्रदेश के नतीजे 18 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.

लाल निशान पर काला स्प्रे

क्रॉस के निशान ऐसे समय पर बनाए गए हैं, जब तीन दिन पहले ही इस इलाके में पोस्टर लगे थे जिसमें लिखा था, ‘पलदी को जुहापुरा बनने से बचाइए.’ बता दें, जुहापुरा भारत की सबसे बड़ी मुस्लिम बस्तियों में से एक है.

डिलाइट अपार्टमेंट के वॉचमैन सत्तार चुनार ने कहा कि उन्होंने लाल निशान पर काला स्प्रे छिड़क दिया है. उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों ने बताया है कि जिन इलाकों से कूड़ा उठाना है, उनकी पहचान के लिए सफाई कर्मचारियों ने ये निशान लगाए हैं.’ उधर, अमन कॉलोनी के जुबेर अहमद ने इस तर्क को मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, ‘हमें अभी भी नगर निगम से यह नहीं बताया गया है कि ये निशान कूड़ा उठाने के लिए हैं.’

1किसने लगाए निशान?

उधर, नगर निगम के अधिकारियों के बयान ने भी भ्रम पैदा किया है. स्वास्थ्य अधिकारी नितिन प्रजापति ने कहा कि ये निशान सफाई अभियान के तहत लगाए गए हैं, जबकि नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने कहा कि ये निशान निगम कर्मचारियों द्वारा लगाए गए निशान से अलग हैं.

इस बीच मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय में चांसलर और अहमदाबाद निवासी जफर सरेशवाला ने कहा, ‘मोदी साहब सबका साथ, सबका विकास की बात कर रहे हैं. इस तरह के घृणा अभियान वर्ष 2002 के चुनाव के दौरान भी नहीं हुए थे. क्या हमें यह विश्वास करना चाहिए कि यह बीजेपी मोदी के साथ नहीं है?’

इस बीच पुलिस प्रमुख एके सिंह ने कहा है कि ये निशान हेल्थ वर्कर्स ने लगाए हैं लेकिन मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि यदि ये निशान कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए हैं तो हम अपनी टीम भेजेंगे ताकि वहां के निवासियों को यह बताया जा सके.

Filed in: गुजरात, टॉप 10, पॉलिटिक्स

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