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चुनाव से ठीक पहले वायरल हुआ विडियो ‘बार-बार फेंको, हजार बार फेंको कि, फेंकने में तेज’

3बीते साल 8 नवंबर को रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन पर लगाम लगाने के लिए 1000 और 500 रुपये के नोट को बंद करने की घोषणा की थी। अब इस महीने 8 नवंबर को नोटबंदी को एक साल पूरा होने को है। इस पर देश की दोनों बड़ी पार्टियों (बीजेपी-कांग्रेस) के बीच सियासी तनातनी भी शुरू हो गई है।

एक तरफ कांग्रेस के नेतृत्व में 18 विपक्षी दलों ने इस घोषणा का एक वर्ष पूरा होने पर जहां ‘काला दिवस’ मनाने की घोषण की है, वहीं सत्तारूढ़ बीजेपी ने इस दिन कालाधन विरोधी दिवस (रिपीट कालाधन विरोधी दिवस) मनाने की घोषणा की है।

इस बीच सोशल मीडिया पर एक गाना तेजी से वायरल हो रहा है। इस गाने में नोटबंदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों सहित वित्त मंत्री अरुण जेटली और अंबानी-अडानी को लेकर तंज कसा गया गया है। इस गाने का शीर्षक है “बार बार फेंकों: नोटबंदी के बाद का भारत।” वीडियो स्ट्रीमिंग एप यूट्यूब पर इस गाने की काफी सराहना हो रही है।

गाने के बोल हैं, “बार बार फेंको, हजार बार फेको, कि फेंकने में तेज हैं विकास के पिता, भक्त हो….ताली दो….नमो नमो….8 बजे, 8 तारीख- रात 8 बजे, सूट पहन टीवी पर खड़े, रोएं मां और दादियां….नहीं चलेगा नोट 500-1000 का, थाली लो…..छेद दो….नमो नमो….”

गाने की अगली लाइन है, “नौजवां…लाइन में लगकर दे दे जां, जो कमाया है, सब गंवा….शादी का कार्ड ले के आ…इस सीमा पर जवान भी तो दे रहा है जां…काला दो…सफेद लो….मितरों…बार बार फेंको, हजार बार फेेंको, कि फेंकने में तेज हैं विकास के पिता…”

इस गाने में वित्त मंत्री अरुण जेटली और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल पर भी तंज कसा गया है। गाने के आखिरी लाइन के बोल हैं, “जेटली….इकॉनॉमी की ऐसी ली…खाना, न धंधा, न नौकरी…कालाधन फिर भी न मिला….दुआ करो कि नोट गिन ही ले पटेल जी…नोट गिनो….भाषण करो…नहीं तो राशन दो…..बार बार फेंको, हजार बार फेको, कि फेंकने में तेज हैं विकास के पिता…..नमो नमो…अडानियों-अंबानियों…”

गौरतलब है कि पिछले साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य घोषित कर दिया था। सरकार ने दावा किया था कि इससे कालेधन में कमी आएगी लेकिन 30 अगस्त को जारी की गई 2016-17 की अपनी सालाना रिपोर्ट में आरबीआई ने कहा था कि बैन किए गए 500 और 1000 रुपये के नोटों का 99 फीसदी (15.28 लाख करोड़) बैंकिंग सिस्टम में वापस आ चुका है। इस रिपोर्ट के बाद विपक्ष सवाल उठा रहा है।

source by exposekhabar

Filed in: ज़रा हटके

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