12:56 am - Friday April 20, 2018

छत्तीसगढ़ को कांग्रेस मुक्त करने के लिए ये है RSS प्रमुख भागवत का ‘मास्टर स्ट्रोक’

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रायपुर। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बीजेपी के जीत के दावे की हकीकत जानने निकले हैं। इसी सिलसिले में रविवार को तीन दिन के प्रवास पर भागवत रायपुर पहुंचे हैं। वह रमन सरकार के विकास कार्यों का जायजा लेंगे। साथ ही आदिवासी बाहुल्य इलाकों में संगठन की नब्ज टटोलेंगे।

रविवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से ट्रेन का सफर कर रायपुर पहुंचे भागवत स्टेशन से जागृति मण्डल पंडरी पहुंचने के लिए रवाना हो गए है। यहां मामूली बैठक के बाद संगठन के लोगों के साथ मंथन का दौर शुरू होगा।

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छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले संघ का पूरा फोकस दलित एवं आदिवासियों पर है। संघ लगातार एमपी और छग में बैठकें कर रहा है। संघ का मानना है कि छग में आदिवासियों को जोड़े बिना कांग्रेस मुक्त प्रदेश का ख्वाब अधूरा है। राजधानी रायपुर पहुंचे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सभाओं में आदिवासियों को संबोधित करेंगे।

मंगलवार को मोहन भागवत का सांइस कॉलेज के मैदान में एक कार्यक्रम भी है। जिसमें वह सभा को संबोधित करेंगे, इस कार्यक्रम में सभा की अध्यक्षता गैर भाजपाई  आदिवासी नेता व छत्तीसगढ़ गोंड समाज के उपाध्यक्ष मोहन सिंह टेकाम करेंगे। ये पहला मौके है जब संघ आदिवासी समाज को लुभाने के लिए इस तरह खुलकर सामने आया है।

नाराज हुआ आदिवासी समाज
गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक को लेकर मत विभाजन भी हुआ था। कांग्रेस ने संशोधन विधेयक के खिलाफ वोटिंग की थी, लेकिन सरकार ने संख्याबल के आधार पर इसे पारित करा लिया था। इसके बाद से कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया था। वहीं सर्व आदिवासी समाज भी इसके खिलाफ था। बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पदाधिकारियों ने भी सरकार के सामने ये आशंका जताई थी कि संशोधन विधेयक अगर वापस नहीं लिया गया तो आदिवासी इलाके में बीजेपी के लिए जीतना मुश्किल हो जाएगा।

संघ मनाने में जुटा
इस बात से घबराई रमन सरकार ने पीछे हटने का फैसला किया और बिल को वापस ले लिया। अब नाराज आदिवासियों को संघ मनाने की कसरत कर रहा है। राजनीति के पंडितों का कहना है कि मोहन भागवत चुनाव से पहले हर हाल में सर्व आदिवासी समाज को बीजेपी से जोड़ना चाहते हैं। जिससे संध का कांग्रेस मुक्त का सपना पूरा हो सके।

SOURCE BY EENADU

 

 

 

Filed in: छत्तीसगढ़, टॉप 10, पॉलिटिक्स

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