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जिलाधिकारी ने बच्चों के साथ मनाया चाचा नेहरू का जन्मदिन

123श्रावस्ती(प्रदीप गुप्ता)। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल की जंयती को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। पंडित नेहरू भारत की आजादी के बाद पहले प्रधानमंत्री बने। भारत में इनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बच्चों के अधिकार, देखभाल और शिक्षा के बारे में लोगों को जागरुक किया जाता है। भारत के अलावा बाल दिवस दुनिया भर में अलग अलग तारीखों पर मनाया जाता है। कहा जाता है कि पंडित नेहरू बच्चों से बेहद प्यार करते थे इसलिए उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में चुना गया। पंडित नेहरू ने भारत की आजादी के बाद बच्चों की शिक्षा, प्रगति और कल्याण के लिए बहुत काम किया।3 उन्होंने विभिन्न शैक्षिक संस्थानों जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रबंधन संस्थान की स्थापना की थी।उक्त विचार कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हरिहरपुरानी में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने नेहरू जी के चित्र पर माल्यार्पण करने के दौरान उपस्थित बच्चों से कही। उन्होने बताया कि बाल दिवस बच्चों को समर्पित भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो की भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिन 14 नवम्बर को हर साल मनाया जाता है।नेहरू जयंती को बाल दिवस के रूप में मनाने की असली वजह यह है कि नेहरू जी को नन्हें, मुन्ने बाल/गोपाल अति प्रिय थे वे बालको के साथ खेलते थे, उनका मन बहलाते थे, गरीब असहाय बालकों की मदद करते थे। बच्चे भी चाचा-चाचा करके उनसे मिलने को उत्सुक रहते, और उन्हें ‘चाचा नेहरू’ कहकर पुकारते थे एवं इस तरह वे ‘चाचा नेहरू’ के नाम से विश्व विख्यात हो गये और इसी वजह से पंडित नेहरू को आदर और सम्मान देने के लिए उनके जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में साक्षरता दर बहुत कम है जो चिंता का विषय है शत-प्रतिशत लोगों के शिक्षित किये बिना सम्पूर्ण विकास की परिकल्पना नही की जा सकती है। इसलिए यहां के शत-प्रतिशत बच्चों को शिक्षित करने में स्वंय सेवी संगठन भी अपनी सहभागिता निभायें और अभिभावकों को यह प्रेरणा दे कि लड़कों के साथ-साथ लड़कियों को भी शत-प्रतिशत शिक्षित करने के क्षेत्र में कार्य कर रही देहात संस्थान के मुस्कान परियोजना की परियोजना समन्वयक सिल्पी सिंह से कहा कि बच्चियों में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अपनी महती भूमिका निभाएं। कार्यक्रम का संचालन देहात संस्थान के मुस्कान परियोजना की परियोजना समन्वयक सिल्पी सिंह ने किया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रतिनिधि, खण्ड शिक्षा अधिकारी क्रमशः सिरसिया, हरिहरपुररानी, स्वयं सेवी संस्थान केयर इन्डिया, जिला समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान अजीत उपाध्याय, ओमकार यादव, शिव प्रसाद, दीक्षा दूबे सहित विद्यालय के बच्चे एवं शिक्षक उपस्थित रहे।1

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