3:14 am - Sunday September 24, 2017

पीवी सिंधू मनाएगी आज 22वां जन्मदिन

1नई दिल्ली। भारत की शान बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधू का आज 22वां जन्मदिन है। ओलम्पिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का रजत पदक विजेता बनने वाली वे पहली महिला खिलाड़ी हैं। वह देश की लड़कियों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। सिंधू ने अपने खेल के प्रर्दशन से पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिखाया दिया है।

वालीबॉल खेल चुके हैं सिंधू के माता पिता 
सिंधू का जन्म 5 जुलाई 1995 में पेशेवर वॉलीबॉल के खिलाड़ी पी.वी रमण और पी. विजया के घर हुआ। उनके माता-पिता भले ही वॉलीबॉल खिलाड़ी थे, लेकिन सिंधू ने बैडमिंटन के खेल में रूचि देना पसंद किया। जब वह आठ साल की थी तो उन्होंने 2001 के ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियन बने पुलेला गोपीचंद से प्रभावित होकर बैडमिंटन को अपना करियर चुना।
2010 में सिंधू ने जूनियर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में अपने करियर की शुरूआत की। उसने क्वार्टर फाइनल में पहुंच कर अपनी पहचान और भी मजबूत कर ली। इसके साथ ही पीवी सिंधू ने सीनियर टीम में अपनी जगह बना ली। ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंधू का पहला कदम था। 2013 में सिंधू ने मलेशिया ओपन का खिताब जीता और वो सुर्खियों में आ गई। साल के अंत में मकाउ ओपन का खिताब जीता।

2016 ओलंपिक में किया भारत का नाम रोशन
रियो ओलंपिक में सिंधू फाइनल तक पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं, सारी उम्मीदें सिंधू से थीं। सिंधू ने फैंस को निराश होने का कोई मौका नहीं दिया। फाइनल में स्पेन की दिग्गज कैरोलीना मारिन से कड़े मुकाबले के बाद हार तो मिली लेकिन वो रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई।

कामयाबी के पीछे है कोच का बड़ा हाथ
2001 में ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाले पुलेला गोपीचंद की सफलता को देखकर सिंधू इतना प्रेरित हुई कि आठ साल की उम्र में ही उन्होंने बैंडमिंटन में अपनी रूचि दिखाई। गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी में दाखिल होने के बाद से सिंधू ने अपनी प्रतिभा के दम पर जलवा बिखेरना शुरू कर दिया था।

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