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पेट्रोल के दाम 80 के पार, सरकार ने तेज की पेट्रोल-डीजल को GST में लाने की कवायद

bhaiदिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातर हो रही बढ़ोत्तरी के बीच, आम लोगों को अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल किसी तरह से राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है। गौरतलब है कि सोमवार को मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 80.10 रूपये तक पहुंच गयी और डीजल की कीमत 67.10 रुपये पर पहुंच गयी। आज सुबह जो लोग पेट्रोल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप पर गए, उन्हें बड़ा झटका लगा है। इस बीच सरकार का कहना है कि वो पेट्रोल और डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने की कोशिशों में लगातार जुटी हुई है। सोमवार को पेट्रोल के दाम एक्साइज ड्यूटी घटाए जाने के पहले के स्तर पर पहुंच गई। वहीं दिल्ली में लोगों को थोड़ी राहत है, यहां पेट्रोल की कीमत सोमवार को 72.23 रूपये तो डीजल की कीमत 62.83 रूपये प्रति लीटर है।

केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज एक बार फिर से बयान दिया है कि सरकार लगातार पेट्रोल-डीजल और केरोसीन को जीएसटी के दायरे में लाने की कोशिश में जुटी हुई है और इसके लिए प्रयास तेज कर दी गयी है। पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि अंतर्राष्ट्रीय मार्किट में दामों में उछाल की वजह से हैं। धर्मेन्द्र प्रधान ने ये भरोसा जताया है कि जीएसटी परिषद जल्द ही इसको लेकर कोई फैसला ले सकती है। उन्होंने कहा कि एक तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर राज्यों की तरफ से भी वसूले जाने वाले वैट की वजह से कीमतों पर लगातर असर पड़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि अगर पेट्रोल और डीजल जीएसटी के दायरे में आ जाता है तो इससे दोनों की कीमत 50 रूपये प्रति लीटर के आसपास आ जाएगी।blast-news

बता दें कि जीएसटी परिषद् ज्यादा से ज्यादा 28 फीसदी तक का वैट लगा सकती है। मगर इसके बाद राज्यों और केंद्र की तरफ से लगाये जाने वाले एक्साइज ड्यूटी और वैट से आम आदमी को छुटकारा मिल जाएगा। बताया जा रहा है कि सरकार अगर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के अंदर लेकर आती है तो भी उसके ऊपर कुछ एक्स्ट्रा सेस लगाएगी। जहां इसके जीएसटी में आ जाने से आम आदमी को काफी राहत मिलेगी, वहीं राज्यों के राजस्व को काफी बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। इसी वजह से राज्य इसके लिए अपनी सहमती नहीं दे रहें हैं। राज्यों के राजस्व में इस बड़ी कटौती का जब तक केंद्र सरकार कोई दूसरा इंतजाम नहीं करती है तब तक ऐसा कर पाना काफी मुश्किल है।

 

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