7:52 am - Friday September 22, 2017

मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला साल्हेवारा छेत्र का सड़क हाइवे बना जानलेवा?प्रतिदिन हो रहे सड़क दुर्घटना से लोगो में दहसत

1राजनांदगाव/पैलिमेटा(मो.अकील कुरैशी) : विगत कई वर्षो से सुन्दुर वनांचल क्षेत्र नर्मदा से साल्हेवारा वाली सडक की चौडी करण के लिये सैकडो दफा आवेदन और मांग किये जाने पर भी राज्य और केन्द्र सरकार ध्यान नहीं दे रही है ।
वनांचल तक सडक विकाश की और सुविधा की बात करने वाली सरकार सिर्फ घोषणा और वादा कर जनता से वाहवाही लूटकर के आम जनता और यात्रियो को आवागमन परिवहन के लिये नकाम है।

2और सिर्फ बस केवल विकाश का ढिडौरा पिटा जाता है।खबर है के सरकार के इस ढुलमुल रवैये से परेसान क्षेत्र के ग्रामीण और जनप्रतिनिधि सडक चौडीकरण मांग को लेकर उग्र आंदोलन की तैयारी में है…

नर्मदा से साल्हेवारा मार्ग दो राज्यो को जोडने वाली प्रमुख सडक है,
यह हाईवे मार्ग की कापर प्रोजेक्ट मलाजखंड कान्हा केसली राष्ट्रीय उधान होने के कारण इस सडक मार्ग में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की हजारो की संख्या में वाहन का आना जाना लगा रहता है,साथ ही भेडा घाट जबलपुर पर्यटन भी कम दूरी होने की वजह से पर्यटक भी इसी मार्ग से सफर करते है।लेकिन इसे दुर्भाग्य ही कहा जाय की आय का जरिया बना यह क्षेत्र नर्मदा से साल्हेवारा सडक मार्ग की हालत खराब है और अन गिनित छोटे बडे गडडे है।यह छत्तीसगढ़ का एक ऐसा हाईवे सडक मार्ग है जो सडक चौडीकरण नही होने से प्रति दिन हादसे एक्सिडेन्ट होते ही रहते है ।3
चौडी करण नही होने से जानलेवा हुई सडक पिछले कई वर्षो में इस सडक मार्ग में सैकडो लोगो ने सडक हादसे में अपनी जान गवा दी दिए है जिसमे 10 स्कूली बच्चे भी सामिल है जिनकी इसी मार्ग में हुए दुर्घटना में मौत हो चुकी है और कई लोगो की गोद सुनी हो चुकी है तो वही हजारों लोग घायल और अपने हाथ पैर गवाये है ।
प्रति दिन दुर्घटना होने से इस सडक मार्ग में सफर करने वाले राहगीर हमेशा दहशत में रहते है।इस मार्ग में 9 किलो मीटर तक लम्बी घाटी भी है,जहां घंने जंगलो के बीच सकरे मार्ग से सफर करना पडता है।कई दफा दुर्घटना होने से यह सडक मार्ग घाटी की वजह से कई दिन और कई घंटो तक सडक जाम रहता है,घाटी में दुर्घटना होने पर कई वाहन वही फस जाने से जाम की स्थित निर्मित होती है।कुछ दिन पहले ही गरगरा जंगलपुर घाट की घाटी में दो ट्रक आपस मे टकराई थी और ट्रक वही फस गयी लोगो को 3 घंटे जाम का सामना करना पड़ा ट्रक नही हटने से मार्ग में सफर करने वाले को तीन दिन तक परेशान होना पडा,सबसे ज्यादा दुर्घटना गरगरा घाटी,साल्हेवारा घाटी,साल्हेवारा बंजारी पुल के पास,मानपुर पहाडी लमरा टर्निंग मोड पर हमेशा बड़े हादसे होते रहते।

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बारिश के दिनो में बंजारी नाले में बाड़ आने से आवागमन बाधित होता है,,
सडक से पुल नीचे होने की वजह से बारिश के दिनो में नाले में बाढ आ जाता है जिससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के सफर करने वाले लोगो को कई दिन रात और कई घंटे तक बाढ में फसे रहते है।

प्रशासन द्वारा चौडीकरण को लेकर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है।

सांसद और मंत्री की घोषणा महज बकवास या प्रसासनिक अमल नही तीन वर्ष पहले सिमगा की सभा में सांसद की मौजुदगी में केन्द्रय भूतल परिवह मंत्री नितिन गटकरी द्वारा नर्मदा – साल्हेवारा मार्ग लगभग 40 किलो मीटर का चौडीकरण की घोषणा किया गया था जिसका निर्माण अभी तक शुरू नही हुआ है जिससे ऐसा लगता है की सरकार की घोसणा महज ख्याली पुलाव साबित हुई है अब तक और विकाश की बात सिर्फ शहरो के लिये आदिवासी वनांचल क्षेत्र की लोगो के लिये नहीं है किसी प्रकार की आवागमन और अन्य विकास की प्राथमिक जरुरतो को प्रशासन द्वारा ध्यान नही दिया जाता है आखिर क्यों नर्मदा – साल्हेवारा मार्ग का चौडीकरण कार्य कब प्रारंभ होगी लोगो के लिये यह सडक बनना एक सपना सा लगने लगा है जिससे क्षेत्र की जनता का धैर्य अब टूटकर आक्रोशित होने लगा है
कभी भी चक्का जाम धरना प्रदर्शन किया जा सकता है।

इनफॉर्मर : हितेश मानिकपुरी पैलीमेटा

Filed in: छत्तीसगढ़

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