3:11 pm - Sunday November 22, 4296

लालटेन बनी सहारा 20 साल पहले लगे खंभे लेकिन अभी तक नही हुआ विद्युतीकरण,राज्य में सरप्लस बिजली का दावा लेकिन यहां अधेरे में जीवन व्यतीत कर रहे ग्रामीण….

2सोनहत/कोरिया (राजन पाण्डेय) : सरप्लस बिजली वाले राज्य में लोगों को कितनी बिजली मिल पाती है इसका अनुमान लगाने के लिए ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है । कोरिया जिला एवं प्रदेश की प्रथम विधानसभा का दर्जा प्राप्त भरतपुर सोनहत अंर्तगत सोनहत् विकासखंड के कई ग्राम पंचायतों में आज भी लोग डिबरी की रोशनी में जीवन गुजारने को मजबूर है । आलम यह है कि बिजली ना होने से लोगों के जरूरी काम काज भी नहीं हो पाते । हैरत वाली बात तो यह है कि खुद मुख्यमंत्री एक साल पहले सोनहत के हर गांव में बिजली लगाने का आश्वासन दे चुके हैं। उसके बावजूद भी गांव में बिजली ना आने से यहाँ के लोग यह सोचने को मजबूर हैं कि जब मुख्यमंत्री की घोसणाओ पर अमल नहीं हो रहा तो वे अपनी फरियाद लेकर कंहा जाएं।
3बीस साल पहले लगे थे खंभे
सोनहत विकासखंड के ग्राम पंचायत बसेर के आश्रित ग्राम तर्रा में लगभग 20 साल पहले बिजली के खंबे लगा दिए गए थे तब लोगों को लगा था कि जल्दी ही उनके गांव में बिजली आ जाएगी । लेकिन 20 साल बीत जाने के बाद भी जब बिजली नहीं पहुंची तो लोग पूरी तरह से उम्मीद छोड़ चुके थे । बीते साल सोनहत विकासखंड के सलगवा कला में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह विकासखंड को ओडीएफ घोषित करने के लिए आए हुए थे । यहां मुख्यमंत्री ने सोनहत विकासखंड के हर गांव में बहुत जल्द बिजली पहुंचाने की बात कही थी । लेकिन पूरे साल भर से ज्यादा समय बीत चुका है मुख्यमंत्री के वादों का क्या हुआ इसे आसानी से समझा जा सकता है । प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास ऊर्जा का विभाग है ऐसे में प्रदेश की प्रथम विधानसभा के लोगों को बिजली ना मिल पाए तो यह समझ में ही नहीं आता कि आखिर विकास हो कहाँ रहा है ,किसका हो रहा है ।यहां ग्राम में दिक्कतों की कमी नहीं है ।यहां आए दिन जंगली हाथियों के डर से ग्रामीणों को रतजगा करने को मजबूर होना पड़ता है । सूर्यास्त होने के बाद यहां के ग्रामीण घरों में कैद होकर रह जाते हैं ।ऐसे में सवाल यह उठता है कि आजादी के सात् दशकों बाद भी अगर इन्हें रोशनी नहीं मिली तो इसका जिम्मेवार आखिर कौन है । वहीं यहाँ व्यवस्था बनाने के लिये सौर ऊर्जा किट का वितरण किया गया था वो भी खराब हो गये।
4कौर कौर से ग्राम में नही है बिजली
सोनहत विकासखंड के ग्राम देवतीडांड़ कांटो रेवला तर्रा परीहत भुलुवार मेंड्रा रजपूरी आमापानी रामगढ़ सेमरीया सुक्तरा धनपुर उधैनी नटवाही चुलादर आंनदपुर कुर्थी दसेर बघवार सिंघाड़ी पारा सिंघोर अमृतपुर उज्ञांव तंजरा ठकुरहत्थी पलारीडांड़ निगनोहर कचोहर बंशीपुर चंदहा हर्रा डी शेराडांड़ भरहीडी एवं अन्य कई ग्रामों में विद्युती करण नही हो सका है हलाकी इनमें से कई ग्रामों में सौर उर्जा प्लांट लगाया है जिससे ग्रामीणों को रात में काफी राहत हो जाती है लेकिन कई ग्रामों के प्लांट पुराने हो गए है जिससे उनमें भी पर्याप्त बैकअप नही मिल पाता है।
इनका कहना है।
यह मामला संज्ञान में आया है 20 साल पहले खंभे लगाए गए थे लेकिन संबंधित क्षेत्र वन भूमि में होने के कारण परेशानी हो रही है वन विभाग से क्लीयरेंस नही होने के कारण विद्युतीकरण नही हो पाया है ब वहां पर क्रेडा विभाग द्वारा सौर उर्जा के माध्यम से विद्युती करण का कार्य किया जावेगा।
संतोष कुजूर
जे ई विद्युत विभाग सोनहत

सरकार सर प्लस बिजली का दावा कर रही है लेकिन सोनहत भरतपुर विधानसभा के कई ग्रामों में अभी तक विद्युतीकरण ही नही हो पाया है । तर्रा में 20 साल से खंभे लगने के बाद भी विद्युतीकरण नही हो सका वहीं जनकपुर में मध्यप्रदेश की बिजली से काम चल रहा है यह कैसा विकास है। सरकार विकास का झूठा स्वांग रच रही है स्थानीय जिले में मंत्री एवं संसदीय सचिव होने के बावजूद क्षेत्र की जनता को मूल भूत सुविधाओं का लाभ नही मिल पा रहा है।
गुलाब कमरो
जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस

तर्रा क्षेत्र में विद्युती करण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है केवरा बहरा तरफ से विस्तार कराकर जोड़ा जावेगा सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्राम तक बिजली पहुचे जिसके लिए सरकार कार्य कर रही है। 2018 से 1़9 तक बिजली पहुच जावेगी।
चंपा देवी पावले
विधायक भरतपुर सोनहत।

लगातार विद्युतीकरण की मांग कि जा रही है लेकिन विद्युतीकरण का न होना दुर्भाग्यपुर्ण है। विद्युतीकरण नही होने से आमजन एवं जनप्रतिनिधियों में नाराजगी का आलम है जल्द विद्युतीकरण का कार्य होना चाहिए
देवेन्द्र तिवारी सदस्य जिला पंचायत सोनहत।

Filed in: छत्तीसगढ़

No comments yet.

Leave a Reply