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विदेश प्रवास के बावजूद निवेश नहीं ला पाने की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें रमन, मंत्री और अफसर : कांग्रेस

vरायपुर/भीख मांगना रोजगार है इसका वार्षिक टर्न ओवर 20 करोड़ रू. से भी अधिक है। आरएसएस के इंद्रेश कुमार के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भीख मांगने को रोजगार बताना युवाओं का अपमान बताया है। जब प्रधानमंत्री मोदी की सरकार रोजगार के मामले में घिरने लगी तो मोदी ने कहा युवा पकोड़े बेचे। पकौड़े बेचने की युवाओं और नौजवानों को सलाह प्रधानमंत्री ने दी और अब नौजवानो के जख्मों में नमक छिड़कने का काम आरएसएस के इंद्रेश कुमार ने किया जिन्होंने कहा है कि भीख मांगना रोजगार है। यदि भाजपा 2014 में बता दिया होता कि पकौड़े तलना और भीख मांगना उनके 2 करोड़ रोजगारो के अवसरो का अर्थ है तो शायद देश के नौजवान उस समय ही सरकार को भाजपा को वोट नहीं देते, सत्ता में नहीं आने देते। मोदी की चाटुकारिता और सत्ता के घमंड में भाजपा और आरएसएस के नेता युवाओं का लगातार अपमान कर रहे है। पहले युवाओ को पकौडे बचने को रोजगार बताकर मोदी ने नौजवानो के सपनों को चकनाचूर किया। blast-newsअब आरएसएस के इंद्रेश कुमार भीख मांगने की रोजगार बता रहे है। 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले मोदी सरकार ने दो करोड़ रोजगार के अवसर हर साल सृजित करने की बात कही थी। आज सरकार को 4 साल पूरे होने जा रहे है। 8 करोड़ युवाओं को रोजगार की बात छोड़िये 25 लाख युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाये। जो युवा पहले रोजगार में थे, नोटबंदी और जीएसटी जैसे मोदी सरकार की व्यापार उद्योग विरोधी नीतियों और कार्यक्रमों ने रोजगार के अवसरो को युवाओं से छीन लिया। पकौड़ा बेचने को रोजगार बताने वाले प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा की राज्य सरकारें स्मार्ट सिटी के नाम पर सड़क के किनारे धंधा करने वाले छोटे व्यवसायियों, ठैले खौमचे वाले को हटवाती है। प्रताड़ित करती है भाजपा और संघ की नौजवानों से धोखाधड़ी का भांडा अब फूट चुका है और हकीकत सबके सामने आ चुकी है।
छत्तीसगढ़ की रमन सरकार की युवा विरोधी नीतियों की हकीकत का पर्दाफाश भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के द्वारा जारी किये गये आंकड़ो से हो गया है। विगत वर्ष भारत में 3.95 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव आये लेकिन इनमें 1 प्रतिशत एक फीसदी निवेश भी छत्तीसगढ़ में नहीं हुआ। छत्तीसगढ़ से बेहतर स्थिति तो झारखंड में रही है जहां 3.09 प्रतिशत निवेश हुआ है। इन आंकड़ो के परिपेक्ष्य में प्रधानमंत्री रमन सिंह और रमन सरकार के मंत्रियों अफसरों के विदेश प्रवासों पर सवालिया निशान खड़ा करते हुये संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने इसे जनता के पैसों विदेशो का सैर-सपाट मात्र निरूपित किया है।
संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा कि रमन सरकार युवाओं को जवाब दे कि अमेरिका, यूरोप और अब आस्ट्रेलिया के सैर-सपाटों से राज्य में क्या निवेश आया और कितने नौजवानों को रोजगार मिला?  कांग्रेस ने मांग की है कि जनता के पैसों से सैर-सपाटा करने वाले रमन सिंह उनके मंत्री और अफसर छत्तीसगढ़ में निवेश नहीं ला पाने और नौजवानों को रोजगार का अवसर नहीं मोहैया करा पाने में विफलता की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें और अपने विदेश प्रवासों में खर्च हुयी राशि का सरकारी खजाने में जमा कराये।

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