5:28 pm - Thursday April 19, 2018

14 जनवरी को मनाया जाता है मकर संक्रांति

मनोज यादव संवाददाता

मनोज यादव संवाददाता

प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व पूरे भारतवर्ष सहित विश्व में फैले हुए हिंदू धर्मावलंबी धूमधाम से मनाते हैं हिंदू धर्म में मकर संक्रांति ऐसा त्यौहार है जिसकी तिथी पहले से ही सुनिश्चित रहती है जो 14 जनवरी को मनाई जाती है अन्य त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार अनिश्चित रहते हैं । संक्रांति का अर्थ है कि एक राशि से दूसरी राशि में पृथ्वी ग्रह का प्रवेश करना । हमारे हिंदू धर्मावलंबी मानते हैं कि कुल 12 राशियां होती हैं पृथ्वी 1 वर्ष में सूर्य का एक चक्कर लगाती है जिसे सौर वर्ष भी कहा जाता है इन 12 राशियों में जब छठी राशि को पार करके पृथ्वी सातवे राशि में अर्थात मकर राशि में प्रवेश करती है तब इसे मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है।  भारत में इस त्यौहार का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तब दिन बड़ा होना प्रारंभ हो जाता है और सूर्य उत्तरायण हो जाता है किसानों की फसलें अंकुरित होकर और भी प्रफुल्लित हो जाती हैं वही बच्चे रंग-बिरंगे पतंग उड़ा कर अपनी खुशी का इजहार करते हैं धार्मिक रूप से विभिन्न राज्यों में इस त्यौहार का अलग-अलग नाम है जिसे पंजाब में इसे लोहडी के नाम से जानते हैं बिहार में से खिचड़ी के नाम से जानते हैं असम में इसे बिहू के नाम से जानते हैं  उसी प्रकार से हर राज्य में मकर संक्रांति मनाने का अलग अलग तरीके भी है उत्तर भारत में स्नान करने के बाद गुड़ तिल दान करने की परंपरा है लोगों का मानना है कि इस दिन स्नान जरूर करना चाहिए मकर संक्रांति के दिन बहुओं के घर मायके से विशेष पकवान बनाकर ससुराल भेजा जाता है।

Filed in: लेखक

No comments yet.

Leave a Reply