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15 जनवरी को मनाया जाता है भारतीय थल सेना दिवस

मनोज यादव संवाददाता

मनोज यादव संवाददाता

प्रत्येक वर्ष 15 जनवरी को भारतीय थल सेना दिवस पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है यह दिवस भारतीय सेना के जांबाज सिपाहियों की शहादत को याद करने का दिन है क्योंकि उनकी बदौलत हम सुरक्षित रूप से देश में रह पाते हैं । दरअसल 15 जनवरी 1949 को भारतीय सेना ब्रिटिश सेना से पूर्ण रुप से मुक्त हो गई और स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करने लगी। इसलिए 15 जनवरी को ही भारतीय थल सेना दिवस मनाया जाता है यह दिवस भारत के जांबाज़ रणबांकुरों की शहादत को याद करने के लिए मनाया जाता है भारत के प्रथम थल सेनाध्यक्ष के एम करिअप्पा रहे जिन्होंने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और उसके सैन्य क्षमता की कमान अपने हाथों में लेकर देश को कुशल संचालन प्रदान किया। इस दिन भारत की राजधानी दिल्ली स्थित इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर देश के प्रधानमंत्री सहित अन्य विशिष्ट गणमान्य लोग भारतीय सेना के महान शहीदों को श्रद्धांजलि और श्रद्धा सुमन समर्पित करते हैं इस दिन कई कार्यक्रम आयोजित करके भारतीय सेना के लिए अदम्य साहस और हिम्मत से लड़ने वाले बहादुर जांबाज सिपाहियों को सम्मानित किया जाता है blast-newsऔर जंग में शहीद हुए जवानों की विधवाओं को सम्मान पत्र प्रदान किया जाता है भारतीय सेना जब ब्रिटिश सेना से मुक्त हुई तो उस समय मात्र 200000 सैनिक थे लेकिन देश में आज 1100000 सैनिक मौजूद हैं जो कि हमारे देश की सेना के लिए बहुत ही गौरवशाली क्षण है सामान्य रूप से भारतीय थल सेना को ही प्रमुख सेना माना जाता है क्योंकि यही वह सेना है जो विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान जोखिम में डालकर देश की रक्षा करने के लिए पूर्ण रूप से तत्पर होती है हालांकि जल सेना और वायु सेना को भी किसी से कमतर नहीं मापना चाहिए वह भी भारतीय सैन्य व्यवस्था पर एक मजबूत अंग है लेकिन थल सेना का विशेष महत्व है । भारतीय थल सेना दिवस पर सअभी देशवासियों की जिम्मेदारी है की थल सेना में जाने के लिए युवाओं को प्रेरित करें और थल सेना के महत्व के बारे में बताते हुए देश के लिए शहीद हुए जवानों को याद करें और उन्हें श्रद्धांजलि दें

 

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