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BJP मिशन 65 पर PL पुनिया का तंज,कहा- भाजपा कौन सी 25 सीटे हार रहे है वो लिस्ट दे-दे और बतायें उनके विदेश यात्रा से आम आदमी, गरीबो, आदिवासियों को क्या लाभ होगा?

bhaiरायपुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद पी. एल. पुनिया ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि कांग्रेस पार्टी का संगठन छत्तीसगढ़ में मजबूत है। भूपेश बघेल हो, टी.एस सिंहदेव हो, डाॅ. चंरणदास मंहत हो, जितने भी सीनियर लीडर है उन पर हाईकमान ने भरोसा जताया है और अलग-अलग कमेटीयों में उनको जिम्मेदारी देते। प्रदेश अध्यक्ष को फिर से अध्यक्ष बनाया लेकिन जो असली चुनावी लड़ाई है, बूथ में लड़ी जाती है और उन योद्वाओं को तैयार करने के लिये हमने विशेष अभियान चलाया है और उसकी शुरूआत अंबिकापुर से हुई। कल से पूरे प्रदेश भर में हर जिले से पूरे कार्यक्रम शुरू हुआ। मैंने देखा पदयात्रा के माध्यम से, जन अधिकार रैली के माध्यम से जन अधिकार सम्मेलनों के माध्यम से जो जनता में लोगो में जूनून नजर आया है, जो एक उत्साह नजर आया उससे बहुत स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार प्रदेश बनने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के दिन पूरे हो चुके है। जगह-जगह पर गये जो प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व है सब वहां मौजूद थे, हर नेता वहां मौजूद थे, सब अलग-अलग टीम बनायी अलग-अलग बूथो में गये उन्होंने देखा कि क्या कमी है क्या नहीं सब सुधारा जा सकता है। क्योकि पहले दिन शुरूआत कि थी बहुत जगह सूचना भी नहीं पहुंची थी। लेकिन जो उत्साह लोगो में नजर आया वो वास्तव में अदभूत है। मैं आशावान हूं उन कार्यकर्ताओं के मेहनत उन कार्यकर्ताओ के जोश-खरोश उसकी के भरोसे से मैं स्टेटमेंट कर रहा हूं। सभी लोग है सभी लोग अपने-अपने रोल है और चरणदास मंहत चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष है जो अपनी बात को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे और पूरी टीम बनायेंगे, टीम को ले जायेंगे किसी को कहा भेजना है ये सब पूरा कोई ऐसा नहीं है। हर का अपना-अपना काम है वो करता रहेगा। चुनाव स्थानीय नेताओं के नेतृत्व में लड़ना है, जीत के सरकार इन्हीं को बनानी है, हम तो पीछे से जो मद्दे है हम करने को तैयार है और प्रदेश कमेटी की में लिस्ट जल्द से जल्द आ जायेगा। उसके पीआरओ यहां आये थे उन्होंने अपनी तरह से भेजी है और मुझे पूरी उमीद है हफ्ते 10 दिन में अंदर वो लिस्ट आ जानी चाहिये ताकि सब लोग अपने-अपने स्तर में काम करना शुरू कर दे।blast-news

आदिवासी के जो मामले में जो फैसला वापस लिया है सरकार ने तो हम लाभ नुकसान की बात नहीं कर रहे है जो जनविरोधी था आदिवासी के खिलाफ सीधा हमला बोला, उनके अधिकारो के खिलाफ हमला बोला, उनके जमीन को छीनने का प्रयास किया, उसका जो हमने विरोध किया है। गर्वनर के यहां गये उसके खिलाफ विरोध में वोट दिया और ये भी बड़े आश्र्चय की बात है कि सारे आदिवासी मंत्री उन्होंने उस बिल का सर्मथन किया जो अधिकार छीनने का था और प्रेस कान्फ्रेंस भी करते है। बहुत आश्चर्य की बात है अपने लोग जिनका प्रतिनीधित्व करते है। उनके हक को छीनने का काम में सहयोगी बन रहें है। इससे ज्यादा खतरनाक बात क्या हो सकती है और कांग्रेस पार्टी ने अपने रोल का सहीं ढंग से अदा किया जहां विरोध करना चाहिये था वहां विरोध किया। गर्वनर के यहां गये वहां पर भी विरोध किया। ये बड़ी खेदजनक स्थिति है। भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनीधि के रूप में राज भवन में जो बैठे है जब आदिवासी समुदाय के लिये समय मांगते है तो मना कर देते है तब उसके बाद सीएलपी लीडर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और जो आदिवासी हमारा संगठन है उसके सब प्रतिनीधी शिशुपाल सोरी के साथ में जब गये तब समय मिलता है क्या वो सिर्फ ये देख के समय देते है? कि कौन मिलने आ रहे है जैसे उसी चेहरे के हिसाब से हमको कानून बतायेंगे। तो ये बहुत ही बहुत शर्मनाक बात है और इस सरकार को बाध्य हो के कांग्रेस पार्टी के दबाव के कारण वो कानून को वापस लेना पड़ा है ये हमारी जीत है और भारतीय जनता पार्टी की रमन सिंह सरकार की सीधा-सीधा हार है। वो कहते है कि कभी-कभी बैकफूट (दबाव) में जाना पड़ता है। बैकफूट (दबाव) में गये तब वो अपनी हार स्वीकार किये।

कांग्रेस पार्टी में जो आदिवासी समुदाय के लोग है वो उनका विरोध करेंगे ही। वो सब उसमें सम्मिलित है सामाजिक कार्यक्रम, सामाजिक आंदोलन वो अलग है राजनैतिक से अलग रखिये। हमारे जीतने भी लोग है वो राजनैतिक संगठन के साथ जुड़े हुये लोग है और वो आज सभी आदिवासी संगठन कांग्रेस जो में पहल की उनके अधिकारो की रक्षा की। उसके लिये बहुत आभार व्यक्त करते है।
हम उनसे यह जानना चाहते है कि वो मिशन 65 से कर रहे है 25 सीटे कौन सी हार रहे है वो लिस्ट दे दे। 25 सीट कौन सी हार रहें है वो तो खुलासा कर दे जनता के सामने और मैने स्पष्ट रूप से कहा है। के हर सीट को जीतने का हमारा लक्ष्य है। हम सीट को फोकस करेंगे ये जुमला नहीं है जुमला उनका है मिशन 65 ये उनका मिशन 150 कहां चला गया गुजरात में मिशन कहा गया 150 तो इसी तरह से जुमले बाजी तो ये लोग करते है और ये जुमले बाजी इनकी फैल होते जा रहीं है निरंतर इसमें कोई दम नहीं बचा।
विनोद वर्मा मीडिया के एक्सपटर्स है कहीं कोई काम करता है, कोई नहीं, कभी हम भी काम ले लेते है कभी वो दूसरा भी काम ले सकता है तो इसमें कोई सवाल की बात नहीं है वो हमारे कोई पदाधिकारी नहीं है संगठन से जुड़े किसी भी स्तर के पदाधिकारी नहीं है लेकिन एक एक्सपटर्स के काम ले रहे है तो कोई बंदीश नहीं है।
अभी 16,17,18 में यहां पर गरियांबद और महासंमुद और रायगढ़ उन जिलो के दौर पर जा रहे है और उसके बाद दूसरा दौरा सरगुजा में रहेगा।
मुख्यमंत्री जी भेले ही विदेश चले जांये लेकिन हम जानना चाहेेंगे के छत्तीसगढ़ की गरीब जनता के लिये वो क्या करेंगे। ये उद्योगपतियों को लाने के लिये उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का काम ये सब करते ही करते है। इसके लिये ये विदेश भी जायेंगे और भी जायेंगे। लेकिन हम ये जानना चाहते है कि गरीब जनता, आदिवासी भाई बहन, अनूसुचित जाति के लोग जो पिछड़ा वर्ग के लोग है उनके लिये क्या करेंगे क्या ले के आयेंगे ये तो खुलासा करे और में तो समझता हू की इन्होंने पूरे समय में अमीर लोगो का काम किया उद्योगपतियों का काम किया और आम आदमी, गरीब आदमी, आदिवासी जाति के लोग घोर उपेक्षित हुये।

 

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