3:07 am - Sunday September 24, 2017

Archive: सम्पादकीय Subscribe to सम्पादकीय

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गौरी लंकेश का वह आखिरी संपादकीय- फेक न्यूज़ के ज़माने में

नई दिल्ली: पत्रकारिता जगत की एक बुलंद आवाज़ गौरी लंकेशको खामोश कर दिया गया है. 16 पन्नों की उनकी...
मनोज यादव संवाददाता

आस्थाओं में इतनी उग्रता के शिकार तो हम कभी न थे

हमारी प्राचीन हिन्दुस्तानी संस्कृति और सनातन आस्थाओं में सबको समाहित करने की अदभुत शक्ति हमेशा...
मनोज यादव संवाददाता

हादसों के बाद हरकत में हुकूमत और हवा में तैरती हकीकत

कहा जाता है की झूठ तब तक झूठ नहीं होता है जब तक उसका खुलासा न हो जाय की अमुक बात झूठ है। उसके बाद...
मनोज यादव संवाददाता

6 अगस्त को मनाया जाता है हिरोशिमा दिवस

प्रत्येक वर्ष 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है विश्व इतिहास में 6 अगस्त मानवीयता के लिए...
(मनोज यादव)

भ्रष्टाचार की भेट चढ़ती योजनाओं पर अंकुश लगाने की दरकार

प्रतापगढ़ के एक स्कूल में एमडीएम खाद्यान का जखीरा जमीन के अन्दर मिला। आम लोगो को सुनकर आश्चर्य...
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मोदी जी ने 9 km के रोड-शो में 90 करोड़ फूंक दिए, क्या उन्हें देश में मर रहे किसानों की याद नहीं आई ?- रवीश कुमार

एक राजनेता अपनी कामयाबी के शिखर दिनों के दौरान किस तरह की संस्कृति गढ़ता है, उसे उस समाज के लिए...
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पत्रकार एकता पर सवालिया निशान

बस्तर (M बाबू बरोई) : एस. करीमुद्दीन बस्तर की पत्रकारिता जगत में स्वच्छ छवि के निष्पक्ष पत्रकार...
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यदि हम झुकेंगे तो वो हावी हो जाएंगे, इसलिए डटकर सामना करें : डॉ. प्रणय रॉय

नई दिल्‍ली: प्रेस क्‍लब ऑफ इंडिया ने एनडीटीवी पर सीबीआई के छापों और प्रेस की आजादी की रक्षा के...
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जिस सरकार के राज में किसानों पर बरसी गोली,वो कभी सत्ता में नही लौटी

Firoz Siddiqui,chief Editor,9644670008 नई दिल्ली: किसानों पर फायरिंग सरकारों को महंगी पड़ती है. जिस भी सरकार के राज में...
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प्राइम टाइम इंट्रो : किसानों की समस्या का हल किसके पास?

किसान आंदोलन जब भी होता है, फोकस उनकी उपज के दाम न मिलने पर कम होता है, शहरों में फल-सब्ज़ी और दूध...